नायोबियम एक धूसर संक्रमण धातु है, जिसे खींचकर तार बनाया जा सकता है। थोड़ी-सी मात्रा में नायोबियम मिलाने से इस्पात अधिक मजबूत और टिकाऊ बन सकता है, जिससे वह कारों और पाइपलाइनों में कठिन परिस्थितियों का सामना कर पाता है। नायोबियम और टाइटेनियम की मिश्रधातुओं में एक और खास गुण होता है: बेहद कम तापमान पर इनके तार बिना विद्युत प्रतिरोध के धारा प्रवाहित करते हैं। इन अतिचालक तारों से एमआरआई स्कैनर और कण त्वरकों के शक्तिशाली चुंबक बनाए जाते हैं। प्रकृति में नायोबियम पाइरोक्लोर और कोलंबाइट जैसे खनिजों में अन्य तत्वों से जुड़ा मिलता है, अक्सर टैंटलम के साथ। इसकी अधिकांश आपूर्ति ब्राज़ील से होती है। उत्पादक अयस्क को सांद्रित करके नायोबियम के यौगिकों को अशुद्धियों से अलग करते हैं, फिर रासायनिक प्रक्रियाओं से धातु प्राप्त करते हैं। इसका बड़ा हिस्सा फेरोनायोबियम के रूप में बनाया जाता है, जो इस्पात में मिलाई जाने वाली लोहे और नायोबियम की मिश्रधातु है।